अज्ञात वाहन की टक्कर से तेंदुए की मौत, वन विभाग की लापरवाही पर सवाल

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हादसे के वक्त मौके से गुज़री वन टीम, जिम्मेदारी टालने के आरोप

हल्द्वानी
हल्दूचौर गुमटी वन रेंज अंतर्गत बबूर गुमटी क्षेत्र में अज्ञात वाहन की टक्कर से एक तेंदुए की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद विभागीय कार्रवाई में देरी और आपसी जिम्मेदारी टालने के आरोपों से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।

प्रत्यक्षदर्शियों का दावा—हादसे के समय उसी मार्ग से गुज़री थी वन टीम

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस समय यह हादसा हुआ, गोला रेंज की वन विभाग टीम उसी मार्ग से गुजर रही थी। सड़क किनारे तेंदुए को मृत अवस्था में पड़ा देख ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग से कार्रवाई की मांग की।
आरोप है कि गोला रेंज के कर्मियों ने इसे हल्द्वानी रेंज का मामला बताकर मौके पर आवश्यक कार्रवाई करने से परहेज किया और जिम्मेदारी टालने का प्रयास किया।

सूचना देने में देरी, बढ़ता गया ग्रामीणों का आक्रोश

ग्रामीणों के लगातार विरोध और दबाव के बाद गोला रेंज के कर्मियों ने अंततः हल्द्वानी रेंज को घटना की सूचना दी, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग की टीम के मौके पर पहुंचने में काफी देरी हुई। इस देरी से स्थानीय लोगों में नाराजगी और भी बढ़ गई।

लगातार सामने आ रही विभागीय उदासीनता

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वन्यजीवों से जुड़े मामलों में विभागीय लापरवाही अब आम होती जा रही है।
संवेदनशील घटनाओं में—


• समय पर कार्रवाई का अभाव
• स्पष्ट जिम्मेदारी तय न होना
• रेंजों के बीच समन्वय की कमी
इन सबने वन विभाग की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।

तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और चेतावनी बोर्ड की मांग

घटना के बाद क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त नियंत्रण,
वन्यजीव चेतावनी बोर्ड लगाने,
और संवेदनशील मार्गों पर प्रभावी सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग तेज हो गई है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मौत रोकने के लिए ठोस और स्थायी कदम उठाने की अपील की है।

निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर लापरवाही के दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती रहेगी।

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