अंकिता भंडारी प्रकरण से नाम जोड़कर ट्रोल करने का आरोप, CBI जाँच की मांग

पौड़ी गढ़वाल।
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से नाम जोड़े जाने और सोशल मीडिया पर कथित ट्रोलिंग से आहत पौड़ी गढ़वाल की बेटी आरती गौड़ ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी एवं पुलिस प्रशासन को एक भावनात्मक पत्र लिखकर अपनी पीड़ा सार्वजनिक की है। पत्र में उन्होंने बिना किसी साक्ष्य या संलिप्तता के उनका नाम और तस्वीरें इस्तेमाल कर अभद्र टिप्पणियां किए जाने का आरोप लगाया है।
“बिना सबूत मेरे खिलाफ राजनीतिक नैरेटिव गढ़ा जा रहा” — आरती गौड़
आरती गौड़ ने अपने पत्र में कहा है कि वे अब तक हर जाँच में सहयोग कर रही हैं और जाँच पूरी होने तक शांति से जीने की अपील कई बार कर चुकी हैं। इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा निजी व राजनीतिक स्वार्थों के चलते उनका नाम घसीटकर उनकी छवि धूमिल की जा रही है।
नेशनल टीवी से सोशल मीडिया तक ट्रोलिंग का आरोप
पत्र में आरती गौड़ ने आरोप लगाया है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा झूठे दावे फैलाए गए, जिन्हें आगे बढ़ाते हुए नेशनल टीवी चैनल पर भी उनका नाम दिखाया गया, जिससे उन्हें व्यापक ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके नाम और तस्वीरों का दुरुपयोग कर अभद्र टिप्पणियां और धमकियां दी जा रही हैं।
स्क्रीनशॉट सुरक्षित, जांच अधिकारी को सौंपी जानकारी
आरती गौड़ ने यह भी बताया कि उनके खिलाफ की गई टिप्पणियों और पोस्ट्स के स्क्रीनशॉट साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किए गए हैं और उन्हें जांच अधिकारी को उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।
निजता के उल्लंघन का आरोप, सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला
पत्र में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसी महिला की निजता भंग करना अपराध की श्रेणी में आता है। इसके बावजूद बिना अनुमति उनके नाम और तस्वीरों का उपयोग किया जाना कानून का उल्लंघन है।
CBI जांच की मांग, निष्पक्ष कार्रवाई की अपील
आरती गौड़ ने मुख्यमंत्री से CBI जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच आवश्यक है। उन्होंने यह भी अपील की कि जाँच पूरी होने से पहले किसी को भी अपराधी घोषित न किया जाए।
मानसिक प्रताड़ना का आरोप, सुरक्षा और न्याय की गुहार
पत्र में उन्होंने लगातार मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह का दबाव जाँच को प्रभावित करने और उन्हें चुप कराने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने राज्य प्रशासन से सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन से अपेक्षा—जांच तक संयम और कानून का पालन
आरती गौड़ ने अंत में कहा कि वे उत्तराखंड की बेटी हैं और कानून के दायरे में रहकर सच के साथ खड़ी हैं। उन्होंने समाज और राजनीतिक दलों से भी अपील की कि जांच पूरी होने तक संयम रखें और कानून का सम्मान करें।
