देहरादून में दर्दनाक सड़क हादसा: नींद की झपकी बनी काल, चार लोगों की मौत


देहरादून। हरियाणा से उत्तराखंड घूमने आए पर्यटकों के साथ बुधवार को देहरादून के लच्छीवाला हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। माता मणिमाई मंदिर के पास चालक को नींद की झपकी आने के कारण इको वैन सड़क किनारे खड़ी यूटिलिटी से जा टकराई। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
टपकेश्वर मंदिर में दर्शन के बाद लौट रहे थे पर्यटक
पुलिस के अनुसार हरियाणा से सात लोग मंगलवार को हरिद्वार घूमने आए थे। बुधवार सुबह सभी देहरादून स्थित टपकेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए गए। दर्शन के बाद उन्हें हरिद्वार होते हुए वापस हरियाणा लौटना था। इसी दौरान लच्छीवाला हाईवे पर वाहन चालक सोमपाल को नींद आने लगी।
घायल विपेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि चालक को कई बार नींद की झपकी आने पर सभी ने उसे टोका और वाहन संभालकर चलाने के लिए कहा, लेकिन इससे पहले कि चालक संभल पाता, वाहन सड़क किनारे खड़ी यूटिलिटी से जा टकराया।
टक्कर इतनी जबर्दस्त कि खुल गए एयरबैग
हादसा इतना भीषण था कि इको वैन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसके एयरबैग खुल गए। वहीं, टक्कर के बाद यूटिलिटी वाहन करीब 25 से 30 मीटर दूर जाकर डिवाइडर से टकरा गया।
सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन वाहनों की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान चलाया। सभी घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
तीन अस्पतालों में चार लोगों ने तोड़ा दम
उपचार के दौरान तीन अलग-अलग अस्पतालों में चार लोगों की मौत हो गई। विनोद को कैलाश अस्पताल, चालक सोमपाल को कोरोनेशन अस्पताल और नरेश को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोईवाला में मृत घोषित किया गया। एक अन्य मृतक की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
मृतकों में नरेश (42) पुत्र महावीर निवासी टिकट वाली गली, रेलवे रोड, रोहतक; विनोद (40) पुत्र रमेश निवासी आर्य नगर, रोहतक और सोमपाल पुत्र लालाराम निवासी वार्ड नंबर पांच, रोहतक शामिल हैं।
तीन लोग गंभीर रूप से घायल
हादसे में विपेंद्र सिंह (35) पुत्र रामबरन सिंह और लाला (35) पुत्र राम भरोसे, निवासी काठमंडी टेक नगर, रोहतक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। एक अन्य घायल की पहचान नहीं हो पाई है। सभी का उपचार जारी है।
तेज रफ्तार और झपकी ने बढ़ाई चिंता
कुआंवाला से लच्छीवाला टोल प्लाजा और माजरी ग्रांट तक हाईवे व्यवस्थित होने के कारण वाहन अक्सर तेज रफ्तार से दौड़ते हैं। ऐसे में चालक की जरा सी लापरवाही या नींद की झपकी जानलेवा साबित हो सकती है। बुधवार के हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर ओवरस्पीडिंग और ड्राइविंग के दौरान नींद आने के खतरे को सामने ला दिया है।
प्रभारी निरीक्षक राकेश गुसाईं ने बताया कि मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

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